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दोस्तो आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे कि कैसे भारतीय खिलाड़ी यो ने अपने देश के लिए जान की बाजी लगाकर भारत को गोल्ड कस्य और रजत पदक दिलवाए,तो चलिए सुरू करते है!

जकार्ता:- में भारत ने 18 एशियाई खेलों के अंतिम दिन शनिवार को मुक्केबाज अमित पाल और ब्रिज के स्वर्गमहिला स्क्वैश टीम के रजत पदक और पुरुष हॉकी टीम के कांस्य पदक के साथ एशियाई खेलों के 67 वर्षों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कियाभारत ने 15 स्वर्ण24 रजत और 36 कांस्य सहित कुल 69 पदक जीते। 1951 में भारत ने नई दिल्ली में हुए एशियाड में 15 स्वर्ण16 रजत और 20 कांस्य सहित 51 पदक जीते ये जो सर्वश्रेष्ठ था। 49 किग्रा भार वर्ग में अमित ने मुक्केबाजी फाइनल में उज्बेकिस्तान के दुस्मातोव हसनॉय को 3-2 से हराया।

:-पाकिस्तान को. 2-1 से हटाया:-

भारतने शनिवार को एशियाड में पुरुष हॉकी का कांस्य पदक
जीत लिया। उसने तीसरे और चौथे स्थान के लिए हुए मुकाबले में पाकिस्तान को 2-1 से हराया। मैच का पहला गोल आकाशदीप ने किया। उन्होंने ललित उपाध्याय के
पास पर तीसरे मिनट में गोल दागा। उनके बाद हरमनप्रीत सिंह ने 50वें मिनट में दूसरा गोल किया। पाक के लिए मोहम्मद अतीक ने 52वें मिनट में गोल किया। भारत
को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। इसमें सेएक को हरमनप्रीत ने गोल में बदला।
दोस्तो आपको हमारी ये पोस्ट केसी लगी हमे कमेंट में जरूर बताए,और आप किस तरह की पोस्ट पड़ना चाहते हो अपने विचार जरूर कमेंट कर,धन्यवाद

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