साल 2016 में पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों के द्वारा करवाए गए उरी हमले की वजह से पाकिस्तान आज भी भारत और वैश्विक मंच पर अलग-थलक पड़ा हुआ है। गौरतलब है कि साल 2016 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों पर हमला करवाने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार मानते हुए उस पर कई बड़े प्रतिबंध लगाए थे। जिसके बाद बीते दिन गुरुवार को एक बार फिर से पाकिस्तानी आतंकियों ने बेहद घिनौनी हरकत की है।

बताते चलें कि बीते दिन गुरुवार को आतंकियों के द्वारा किए गए एक हमले में सीआरपीएफ के तकरीबन 44 जवान शहीद हो गए हैं। जबकि तमाम जवान बेहद गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी और कई शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। जिसके बाद पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है। बताते चलें कि इस बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्री अरुण जेटली शामिल हुए। इसके अलावा आपको बता दें कि इस बैठक में सीआरपीएफ के डीजी, अजीत डोभाल, सेना प्रमुख विपिन रावत भी शामिल हुए।

गौरतलब है कि इस बैठक के बारे में बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बैठक की सभी बातों को सबके सामने नहीं बताया जा सकता। लेकिन उन्होंने यह अवश्य बताया कि भारत इस हमले के बाद पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का अवार्ड वापस ले रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-अलग होने के लिए भारत हर संभव प्रयास किए करेगा। साथ ही उन्होंने कई अन्य बड़ी बातें कही जिससे पाकिस्तान के माथे पर शिकन की लकीर आने लगी हैं।

हालांकि पाकिस्तान के जैसे मोहम्मद आतंकियों के द्वारा सीआरपीएफ पर किए गए हमले के बाद मोदी सरकार को पाकिस्तान और आतंकियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करनी चाहिए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here