नई दिल्ली, आधी रात कोई एसएमएस आए तो उसे नजरअंदाज न करें। यह लापरवाही आपको खासी महंगी पड़ सकती है, क्योंकि यह मैसेज आपके खाते से पैसे।
निकाले जाने का भी हो सकता है। कार्ड को ब्लॉक न कराने पर जालसाजों को आपको और चूना लगाने का मौका मिल जाएगा। डेबिट या क्रेडिट कार्ड की वलोनिंग करके पैसे निकालने वाले जलसाज अकसर खाते से पहला ट्रांजेक्शन रात 11.45 से 1155 बजे के आसपास करते हैं। इसके पांच से 15 मिनट के दायरे में रात 12 से 12.15 बजे तक उनके द्वारा दूसरा ट्रांजेक्शन किया जाता है। ऐसे में रात में सो रहे या मैसेज को नजरअंदाज करने वाले लोगों को रकम निकालने की जानकारी सुबह मिल पाती है। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। सीसीटीवी कैमरे से चुराते हैं। पिन: खाते में सेंध लगाने के लिए हैकर को कार्ड का पिन नंबर भी पता होनाचाहिए। इसके लिए हैंकर एटीएम बूथ में खुफिया (हिडेन) कैमरा लगाते , जिसका फोकस
मशीन के की पैड पर होता हैं।

(स्किमर लगाकर हासिल करते हैं डेटा : )

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक एटीएम कार्ड से डेटा चोरी करने के लिए जालसाज एक छोटी सी डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, जिसे स्किमर कहते हैं। इसे एटीएम मशीन के कार्ड रीडर स्लॉट के ऊपर लगा देते हैं।

( ये है ‘टाइमिंग’ का राज:- )

दरअसल हर क्रेडिट डेबिट कार्ड से प्रतिदिन निकासी या खर्च की की एक सीमा होती है। ज्यादातर यह 25 से 50 हजार रुपए होती है। हैकर कम से कम अंतराल में ज्यादा से ज्यादा रुपए निकालने के लिए यह काम आधी रात में करते हैं। 12 बजे से पहले का ट्रांजेक्शन एक दिन की लिमिट के तहत आता है, जबकि 12 के बाद वाला ट्रांजेक्शन तारीख बदलने के कारण दूसरे दिन के दायरे में आ जाता । इस तरह आधे घंटे में वह दो बार है चूना लगा देते हैं।दोस्तो आपको हमारी पोस्ट केसी लगी कमेंट में जरूर बताए,धन्यवाद

131 total views, 1 views today

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here