कुचामनसिटी.कौनसा शिक्षक किस स्कूल में कार्यरत है, इसके लिए अब शिक्षक को परिचय देने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को आई कार्ड बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसी सप्ताह में शिक्षकों को आई कार्ड आवश्यक रूप से बनाकर पहनने के निर्देश मिले हैं। शिक्षकों को स्कूल समय में आई कार्ड गले में पहनकर भी आना जरूरी होगा। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आई कार्ड जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक जारी करेंगे। वहीं द्वितीय श्रेणी शिक्षकों एवं व्याख्याता के आई कार्ड जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक की ओर से जारी किए जाएंगे। इस आई कार्ड पर
शिक्षक का नाम, पदसर्विस बुक नंबरस्कूल का नाम, स्थायी पता होगा। इससे शिक्षकों की स्कूल में पहचान होगी। खास तौर से आई कार्ड इसलिए बनाए जा रहे हैं कि 5 सितंबर को जयपुर में राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस सम्मेलन होगा। इसमें वर्ष 2013 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों को भाग लेना अनिवार्य किया गया है। परिचय पत्र के आधार पर उनकी पहचान आसानी से होगी।जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक रजिया सुल्ताना व माध्यमिक डीईब्रहमाराम चौधरी ने जिले के सर्भ शिक्षकों को पहचान पत्र गले में पहनने के लिए निर्देशित किया है। 13 दिसम्बर 2013 के बाद नियुक्तसभी शिक्षक जयपुर में शिक्षक सम्मान समारोह में भाग लेंगे। इसके लिए विभाग ने कार्यक्रम में शिक्षकों को ले जाने के लिए ग्राम पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों को
जिम्मेदारी दी गई है। नोडल प्रधानाचार्य एवं बीईईओ को वाहन धा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही समारोह स्थल पर शिक्षकों की उपस्थिती भी लेने काकार्य इनका ही होगा।

181 शिक्षकों के बनेंगे
कार्ड

ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारीदिनेश चौधरी ने बताया कि 13दिसम्बर 2013 के बाद नियुक्त तृतीय श्रेणीवरिष्ठ अध्यापक व व्याख्याता के पहचान पत्र बनाए गए है। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक विद्यालयों के 111 शिक्षकों के आईडी कार्ड बनाए गए हैं। इसी तरह से 70 माध्यमिक शिक्षकों के कार्ड बनवाए गए हैं। दोस्तो आगर आपको हमारी दी गयी जानकारी अछि लगी तो कमेंट में अपने विचार जरूर लिखे, धन्यवाद

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